20 अप्रैल को दैनिक जागरण ने अपने पहले पन्ने में आसिफा केस के विपरीत खबर छापीं कुछ इस तरह के हेड-लाइन के साथ -
"कठुआ में बच्ची के साथ नहीं हुआ था दुष्कर्म" आप निचे फोटो में देख सकते है >>
"कठुआ में बच्ची के साथ नहीं हुआ था दुष्कर्म" आप निचे फोटो में देख सकते है >>

इसमें दावा ये किया गया की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कही भी दुष्कर्म का जिक्र नहीं है, पीड़िता को लगे चोट के कुछ और भी कारण हो सकते है |
इस लेख को दैनिक जागरण ने नई दिल्ली, आगरा, इलाहबाद, जम्मू कश्मीर, अलीगढ, अमृतसर के संस्करण में पहले पन्ने पे छापा था |
क्या कहती है दिल्ली की फॉरेंसिक रिपोर्ट (FSL)
- दिल्ली की फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट ये मानती है कि कि मंदिर में मिले खून के धब्बे पीड़िता के ही हैं।
- फॉरेसिंक लैब की रिपोर्ट इस बात की पुष्टी करती पीड़िता के कपड़ों पर खून लगे हुए थें।
- रिपोर्ट पीड़िता के यौनांग में भी खून पाए जाने की भी पुष्टी करता है।
- क्राइम ब्रांच को जांच के दौरान मंदिर से बाल की लडियां मिली थी, दिल्ली एफएसएल कि रिपोर्ट के मुतबिक ये बाल एक आरोपी शुभम सांगरा के डीएनए प्रोफाइल मिलता है।
दैनिक जागरण हमारे देश का एक बहुत बड़ा अख़बार है, जिसकी पाठको की संख्या करोडो में है, अब ये लोग इस तरह की चुतियापा करेंगे तो आम लोग किस पर भरोसा करेंगे ये सोचने वाली बात है |
FAKE न्यूज़ से लड़ने में हमारा साथ दे और सच्चाई को लोगों तक पहुंचाए

Comments
Post a Comment