दलितों द्वारा किये गए भारत बंद के दौरान सोशल मीडिया में फैलाई गयी झूटी बातें

2 अप्रैल 2018  को सुप्रीम कोर्ट के द्वारा एससी/एसटी (अत्याचार रोधी ) अधिनियम के प्रावधानों को कमजोर किये जाने के विरोध में, दलितों द्वारा पुरे भारत में बंद का आव्हान किया गया था |
इसी बंद के क्रम में भारत के कई जगहों में हिंसा हुई, इसी हिंसा का फायदा उठाते हुए कुछ अफवाहबाजों को सोशल मीडिया में नकली खबर फ़ैलाने का मौका मिल गया ताकि आग में और भी घी डाला जा सके |

इसी बीच सोशल मीडिया में दो तस्वीरें के द्वारा माहौल को और गरम करने की कोशिस की गयी |

पहली तस्वीर में ये दावा किया गया की प्रदर्शन के दौरान कुछ दलितों ने मिलकर एक पुलिस वाले की पिट-पिट कर हत्या कर दी |
इस फोटो को भारत की आवाज़ नाम के एक फेसबुक  पेज से पोस्ट किया गया था


                                                                     1

                                                               
पहली तस्वीर की सच्चाई

 ये तस्वीर जून 2017 उत्तरप्रदेश की है, DAILYMAIL की रिपोर्ट के अनुसार एक नाबालिग स्कूल लड़की के साथ कानपूर, उत्तर प्रदेश के जागृति हॉस्पिटल में इलाज के दौरान बलात्कार हुआ था। इसी के विरोध में गुस्साए लोगों ने वहां तोड़फोड़ की और अस्पताल के बाहर तैनात पुलिसकर्मी पर भी हमला कर दिया था।

वही अगर बात की जाये सब-इंस्पेक्टर महेंद्र चौधरी की मौत की, तो उनकी मौत बंद के दौरान ड्यूटी करते वक़्त दिल का दवरा पड़ा था और अस्पताल जाने के दौरान उनकी मौत हो गयी थी, इसकी पूरी जानकारी आपको NEWS18  के वेबसाइट से मिल जाएगी|




दूसरी तस्वीर में ये दावा किया गया की दलितों ने बंद के दौरान इस सिख व्यक्ति के ट्रक को जला दिया |

                                                                   
                                                                             2

दूसरी तस्वीर की सच्चाई 

ये तस्वीर 25 फरवरी 2016 की है, जब जाट आन्दोलन हुआ था, इस पूरी खबर को आप INDIAN EXPRESS  की रिपोर्ट में पढ़ सकते है |


Comments